Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi with Points

अगर आप लोग स्वछता के ऊपर निबंध लिखना या पढ़ना चाहते है तो आप लोग बिलकुल सही पोस्ट पर आये है क्योकि यह लेख Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi पर ही लिखा गया है।


इस लेख के जरिए आपको पता चलेगा की स्वच्छ भारत अभियान क्या होता है, उसके उद्देश्य क्या है, अभियान कब और क्यों सुरु किया गया था, और भी बहुत कुछ। तो इन सब जानकारी को जानने के लिए और अगर आप Swachh Bharat Abhiyan पर निबंध लिखना चाहते है तो हमारे साथ बने रहिये।

 
Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi


भारत को स्वच्छ करने का सपना महात्मा गाँधी जी ने देखा था जिसके लिए उन्होंने ये भी कहा था की "स्वछता स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी है "इसके साथ साथ "स्वच्छता ही स्वस्थ है".


गाँधी जी चाहते थे की विदेशो की तरह हमारा भारत देश जिसको सोने की चिड़िया कहा जाता था, वो भी साफ़ सुथरा दिखे। लेकिन उस वक़्त आज़ादी की लड़ाई होने के कारण इस मुहीम की और ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया।


धीरे - धीरे वक़्त निकलता गया और सरकार बदलती गयी पर किसी भी सरकार का इस मुददे पर ध्यान ही नहीं गया। इसी तरह हमारे देश में थोड़ा थोड़ा कर के कूड़े का ढेर लगता रहा और बीमारिया पनपती रही।


कुछ पल के लिए हम कूड़े - कचरे को भूल भी जाये पर शौचालय के बारे में कैसे भूल सकते है। अभी भी देश में बहुत से ऐसे घर है जहा शौचालय बने ही नहीं है जिसकी वजह से उनको बहार खुले में शौच करना पढता है।जिसकी वजह से हमारा वातावरण के साथ साथ हमें भी रोग होने का खतरा रहता है।


खुले में शौच करने से महिलाओं को कितनी परेशानी और शर्मिंदगी महसूस होती है। यह बताने के लिए बॉलीवुड के अभिनेता Akshay Kumar और Bhumi Pednekar की फिल्म "Toilet - Ek Prem Khatha" के द्वारा अच्छे से दिखाया गया है।


अगर आपको स्कूल में कभी Essay on Swachh Bharat Abhiyan in Hindi या स्वच्छ भारत अभियान पर निबंद लिखने को आये तो इस लेख के जरिये आपको इतनी जानकारी मिल जाएगी की आप आराम से निबंध लिख पाएंगे।


Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi


Swachh Bharat Abhiyan क्या है? हमारे देश में भरता सरकार की तरफ से 2 ओक्टुबर 2014 को एक नयी योजना का आरम्भ करा गया है जिसका नाम Swachh Bharat Abhiyan है। इसको योजना का नाम न देते हुए हम इसको अभियान ही कहे तोहि अच्छा होगा क्युकी यह एक अभियान है साफ सफाई को ले कर। इस अभियान के तहत सभी देशवाशियो से निवेदन किया गया है की सभी लोग इस अभियान से जुड़े और देश में हरियाली लाये।


इस अभियान के अंतर्गत दोनों शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ करने का वादा किया गया है। जिसमें से सबसे महत्पूर्ण उद्देश्य है की खुले में शौच करने से लोगो को रोकना और जहा शौचालय नहीं है वहा शौचालय का निर्माण करना।


देखा जाये तो यह कोई नया अभियान नहीं है बल्कि यह तो किसी और रूप में 1999 से चला आ रहा है। अगर बात करे तब की तो उस समय इसका नाम ग्रामीण स्वछता अभियान था। उसके बाद प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के आने के बाद उन्होंने 1 अप्रैल 2012 को इसका नाम बदल के निर्मल भारत अभियान रख दिया गया था। फिर जाके 24 सितम्बर 2014 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इसको Swachh Bharat Abhiyan की अनुमति मिल गयी।


Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi With Points


Swachh Bharat Abhiyan की शुरुआत हमारे देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा कि गयी थी। इस योजना की शुरुआत 2 ओक्टुबर 2014 महात्मा गाँधी जी के जन्मदिन के दिन हुई थी। इस योजना के अंतर्गत मोदी जी का बस एक ही लक्ष था की हमारे भारत देश को गन्दगी और खुले में शौच करने से मुख्त करना।


स्वच्छ भारत अभियान का आरम प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने महात्मा गाँधी जी के 145 वी जयंती पर 2 ओक्टुबर 2014 में राजघाट से किया था। इस अभियान से लोगो में साफ़ - सफाई के लिए जागरूकता फैले और इसके प्रति लोगो के मन में आसपास के इलाके और अपने घरो को स्वच्छ करने की इच्छा जगे।


Swachh Bharat Abhiyan का उद्देश्य -



1) बहार खुले में शौच करने से रोकना क्युकी आज भी बहुत से ऐसे लोग है जो बहार खुले में जा कर शौच करते है। 

2) गाओ के घरो में शौच बनवा के शौचालय के उपयोग को बढ़ावा देना। 

3) शौचालय का प्रयोग और उसके महत्व को बताना। 

4) नालियों को साफ़ रखना। 

5) ग्रामीण इलाको की छोटी - छोटी बस्तियों में शौच का निर्माण करवाना और उसका प्रयोग समझाना। 

6) लोगो की मानशिक सोच को बदलना। 

7) भारत देश को साफ़ रखना और बीमारियों से बचे रहना। 

8) भारत में बहुत से ऐसे छोटे - छोटे इलाके है जहा की नालिया और सड़के बहुत गन्दी रहती है जिसके कारण वहा बीमारिया पनपती है। इन्ही इलाको को साफ़ सुथरा रखने का उदेश है स्वच्छ भरत अभियान के जरिये।


Swachh Bharat Abhiyan के उपाए -


1) हमें ग्रामीण इलाको के हर घरो में शोचले बनवाने होंगे और उनका उपयोग करना सीखना होगा। 

2) लोगो की मानशिक सोच को बदलना होगा। 

3) हमें कचरा फेकने के लिए हर जगहों पर कचरा पत्रों का निर्माण करना होगा। 

4) बहार शौच करने से क्या क्या बीमारिया होती है उसको समझते हुए उसपे रौशनी डालनी होगी। 

5) तेज़ी से बढ़ रही जनसंख्या को नियंत्रण करना होगा। 

6) विद्यालय में हमें बच्चो को स्वछता के बारे में समझाना होगा। 

7) हमें गाओ और गन्दी बस्तियों में जा कर लोगो को गन्दगी न करने के बारे मैं समझाना होगा। इसके साथ - साथ उनको ये भी बताना होगा की गन्दगी करने से उनके स्वास्थ्य और वातावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है। 

8) हमें जगह - जगह स्वछता जागरूकता को फैलाने के लिए पोस्टर लगाने होंगे। 

9) सफाई को ले कर अभी भी गाओ क्षेत्र में इतनी जागरूकता नहीं है इसलिए वहाँ जाकर लोगो को सफाई और स्वछता का सन्देश देना होगा। 

10) हमें कचरे को नष्ट करने का तरीका या कोई उपाए ढूँढना होगा जिससे की देश में बड़े - बड़े कचरे के पहाड़ो को हटाया जा सके। 

11) अपने देश को स्वच्छ बनाने के लिए हमें नए - नए कायदा कानून बनाने होंगे जिससे लोग कही भी इधर - उधर कचरा फैलाने से डरे। 

12) जितने भी छोटे - छोटे खाने पीने के ठेले है उन सभी को dustbin में अपना disposal फेकना होगा।


Swachh Bharat Abhiyan की आवश्यकता -


1) हमारे भरता देश में कूड़ा करकट की कोई कमी नहीं है यह आपको हर गली, हर मोहल्ले, हर सड़क पर देखने को मिल जायेगा। लेकिन यह कोई अच्छी बात नहीं है यह हमारे देश के लिए बहुत ही शर्मिंदगी वाली बात है।

2) लोग कूड़ा फैलाने के इतने आदि हो गए है की वो लोग सार्वजनिक स्थान को ही गन्दा करने लगे है जिसकी वजह से शहर भी गन्दा दिखने लगा है।

3) आज भी भारत देश में कुछ ऐसे गाओ है जहा के घरो में अभी तक शोचले का निर्माण नहीं हुआ है। जिसके कारण लोगो को शौच करने बहार खुले में जाना पढता है।

4) खुले में शौच करने की वजह से गन्दगी फैलती है जिससे कई - कई बीमारिया पनपने लगती है और कई बार इन बीमारियों के कारण गंभीर समस्या हो जाती है।

5) सड़को पर कचरा फैलाने की वजह से वो कचरा सड़को के किनारे बनी नालियों में चला जाता है, जिसकी वजह से नालिया Blocked हो जाती है।

6) सिर्फ नालियों में ही नहीं बल्कि हमारे आसपास की नदियों में भी इतना कचरा और गन्दगी रहती है की ऐसा लगता है पानी की जगह उनमें कचरा बह रहा है।

7) इन गन्दगियो के कारण ही बहार विदेशी लोगो हमारे देश में आने से कतराते है। जिसकी वजह से हमारे देश की आर्थिक विवस्था पर प्रभाब पढता है।

8) भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर में शौचालय होने की आवश्यकता है। जिससे उन्हें बीमारिया न हो और बहार शौच करने में शर्मिंदगी भी महसूस न हो।

इन्ही सब कारणों की वजह से हमारे देश में दिन - ब - दिन गन्दगी भड़ती जा रही है जो हमारे वातावरण को भी ख़राब कर रही है। इन्ही सब समस्याओ को कम करने के लिए भारत सरकार को स्वच्छ भरता अभियान को सुरु करने की आवश्यकता पड़ी।


Swachh Bharat Abhiyan होने के कारण -


1) कचरे का सही निस्तारण का अभाव -

कचरे की सही निस्तारण का अभाव के कारण ही 2017 में मापे गये आकड़ो के मुताबिक भारत करीब 100000 मीट्रिक टन कचरा उत्पन करता है। इतनी ज्यादा मात्रा में कचरा निकलने के बावजूद भी इसको disposal करने का कोई उचित उपाए नहीं मिल पाया है। अगर ऐसा ही चलता रहेगा तो इसको रोक पाना किसी के हाथो मैं नहीं होगा।


2) घरो में शौचालय का नहीं होना -

भारत में बहुत से ऐसे गाँव है जिनके घरो में शौचालय नहीं होता है। इसी वजह से लोग शौच करने के लिए खेतो में जाया करते है या फिर किसी तालाब के किनारे बैठ जाते है।

खुले में शौच करने से गन्दगी फैलती है और कई किसम की बीमारिया भी हो जाती है। इतना ही नहीं बल्कि गाओ की महिलाओ को बहार शौच करने में बहुत परेशानी होती है।


3) ख़राब मानशिकता -

हमारे देश के लोगो की मानशिकता कुछ अलग ही है। वो लोग ये सोचते है की हर कोई तो कचरा फैला रहा है तो हमारे थोड़ा सा कचरा फैलाने से थोड़ी देश ज्यादा गन्दा हो जायेगा। इसी कारण ऐसे मानशिकता के लोग सड़क पर थोड़ा कचरा देख के खुद भी कचरा फेक देते है।

लेकिन इन्ही थोड़ा - थोड़ा कचरे से ही बहुत बड़ा कचरे का ढेर बन जाता है जो बदबू के साथ बीमारिया भी फैलता है।


4) शिक्षा का अभाब -

भारत में अभी भी बहुत से ऐसे लोग है जो शिक्षित नहीं है। देखा जाये तो शिक्षा क्षेत्र ने भी तेज़ी पकड़ी है लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे ग्रामीण क्षेत्र है जहा शिक्षा नहीं पहुंच पा रही है। सही शिक्षा और समझ न होने के कारण ही लोग यहाँ वहा कूड़ा फेक कर अपने आसपास का वातावरण ख़राब कर रहे है।

वातावरण ख़राब होने की वजह से उनको और बाकि के लोगो को क्या - क्या नुकशान और बीमारिया हो रही है उनको यह मालूम ही नहीं होता है। इसिलए साफ़ - सफाई के प्रति लोगो को शिक्षत करना बहुत जरूरी है.


5) सार्वजनिक शौचालय का अभाव -

यह कोई नई बात नहीं है बल्कि ऐसा ही है की हमारे देश में सार्वजनिक शौचालय का अभाव हर जगह पाया जाता है। सड़को पर शौचालय न होने के कारण लोग कही भी कोना देख कर शौच करने लगते है जिसकी वजह से गन्दगी और बदबू दोनों फैलती है।

इसलिए हमारे देश में सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय का निर्माण होना जरूरी है, जिससे लोग उसका उपयोग करे और देश में स्वछता बानी रहे।


स्वच्छ भारत अभियान के लिए चुने गए प्रभावी व्यक्ति -


2014 में आरम्भ कि गयी स्वच्छ भारत अभियान योजना के प्रचार के लिए कुछ प्रभावी व्यक्तियों को चुना गया था। इन सभी चुने गए व्यक्तियों का काम था की वो अपने अपने क्षेत्र के लोगो को स्वछता के लिए जागरूकता फैलाये। तो चलिए जानते है की वो सब व्यक्ति कौन - कौन है -


1) तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम
2) महेन्द्र सिंह धोनी (क्रिकेटर)
3) ईआर। दिलकेश्वर कुमार
4) कमल हसन (अभिनेता)
5) विराट कोहली (क्रिकेटर)
6) सचिन तेंडुलकर (क्रिकेटर)
7) प्रियंका चोपड़ा (अभिनेत्री)
8) मृदुला सिन्हा (लेखिका)
9) अनिल अंबानी (उद्योगपति)
10) सलमान खान (अभिनेता)
11) बाबा रामदेव
12) शशि थरूर (संसद के सदस्य)


Conclusion -

दोस्तों हमारी आज की पोस्ट Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi पर थी। लेकिन यह बहुत ही महत्वपुर्ण विषय है हमारे लिए हमारे देश के लिए। प्रधान मंत्री द्वारा शुरू की गयी Swachh Bharat Abhiyan Yojna एक छोटी सी उम्मीद है अपने देश को बदलता हुआ देखने की, जिसमें हमे भी मिलके भाग लेना चाहिए।

इस लेख ( स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध ) को पढ़ने के बाद कोशिश करिये की आज से ही आप सफाई की तरफ अपना कदम उठाएंगे और देश को स्वच्छ बनाएंगे। केवल इतना ही नहीं बल्कि हो सके तो Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi आप अपने दोस्तों के साथ भी share करिये।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi with Points Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi with Points Reviewed by Priyank Bagle on November 11, 2020 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.